बम प्लास्ट हों या फिर कहीं गोली चल रही हो हमें इस बात से कोई मतलब नहीं है।  हम तो कलाकार हैं और हमें सिर्फ नाचने-गाने और फिल्में बनाने से मतलब है। यह कहना है बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर का।

जब एक पत्रकार ने अनिल कपूर से मुंबई में हुए एक शूटआउट के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि भाड़ में गया शूटआउट। मुझे तो अपनी शूटिंग से मतलब है। मेरे दिमाग में हर समय यही चलता रहता है कि मैं कैसा लग रहा हूँ, मैं कैसे बड़ा कलाकार बनूँ। सुभाष घई या यश चोपड़ा मुझे फिल्मों में लेगा या नहीं। हाँ जब काम मिल जाता है तो फिर मैं शूटआउट और गैंगस्टार के बारे में बातें करता हूँ।

स्वीकारी अंडरवर्ड से संबंध की बात

इसी इंटरव्यू में अनिल कपूर ने माना कि उनके पास अंडरवर्ड से फोन आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे किसी रोल की तैयारी के सिलसिले में गैंग के बदमाशों से मिलते हैं तो तुरंत ही दूसरे गैंग के लोगों का फोन आ जाता है। गैंग लॉर्ड पूछते कि तुम क्यों फलाने गैंग के लोगों से मिले थे तो मुझे सफाई देनी होती है कि मैं रोल की तैयारी के सिलसिले में मिलने गया था।

आपको बता दें कि बॉलीवुड और गैंगस्टर्स का रिश्ता कोई नया नहीं है। अनिल कपूर खुद कई बार बंबई बम हमलों के लिए फंड और संसाधन उपलब्ध कराने वाले दाऊद इब्राहिम के साथ कई देखे गए थे।  उस समय भी अनिल कपूर ने दाऊद इब्राहिम और उसके गुर्गों के ठिकानों की जानकारी मुंबई पुलिस को देने की जरूरत नहीं समझी थी।

अंडरवर्ड से संबंध रखने वालों में बॉलीवुड अभिनेताओं और निर्माताओं में अनिल कपूर अकेले नहीं है।  जिन फिल्मी कलाकारों को हम अपना हीरो मानकर सर आँखों पर बैठाते है, वही फिल्मी कलाकार देश के दुश्मनों की पार्टियों और बंगलों पर जाकर नाचते हैं।

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