GEMS OF BOLLYWOOD
वो सही कहते हैं कि सिस्टम उनका है। यह बिल्कुल सही है। यह फिल्म…

वो सही कहते हैं कि सिस्टम उनका है। यह बिल्कुल सही है।
यह फिल्म गुलमोहर विशुद्ध रूप से प्रोपोगंडा फिल्म है। Lesbian दादी पोती की कहानी है।
बुढ़ापे में विधवा दादी अपनी बचपन की सहेली के साथ Lesbian Live In करने के लिए दूसरे नगर जाने का निर्णय करती है।
पोती को पुरुष को छोड़कर गर्लफ्रेंड के साथ Live In करने की प्रेरणा देती है।
एक हिंदू ड्राइवर हिन्दू मेड से इसलिए चिढ़ता है क्योंकि वो उसको छोड़कर एक मुस्लिम से प्यार करती है।
विशुद्ध हिंदू विरोधी वामपंथी प्रोपेगंडा। अमोल पालेकर, शर्मिला टगोर, मनोज वाजपेई जैसे एजेंडा ब्रिगेड वाले।
और इसके लिए नेशनल अवॉर्ड।
इसके पहले गंगू बाई द्वारा देह व्यापार का महिमा मंडन, आतंकी पठान गैंग के उस्ताद को महापुरुष दिखाना, हिंदुओं को व्यभिचारी दिखाना – इसको राष्ट्रीय पुरस्कार।
बिन ब्याही मां बनने के वामी प्रोपेगंडा को उसके पहले।
उसके पहले अश्लीलता का सबसे बड़ा व्यापार चलाने वाली एकता कपूर। और सेक्सी राधा वाली करन जोहर। इनको पद्म पुरस्कार। इस बार मिथुन को दिया जिसने जितनी अश्लील फिल्में की हैं, हिंदू विरोधी रोल किए हैं, उनकी सीमा नहीं।
यही नहीं, हिंदू विरोधी बीफ खाने वाले, देवी देवता का उपहास करने वाले, २३११ को RSS की साजिश बताने वालों के परिवार को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा में विशेष घर जा के निमंत्रण।
OTT के अश्लील हिंदू विरोधी, बलात्कार प्रेरक सामग्री पर नियंत्रण में आनाकानी।
सरकार और भाजपा बॉलीवुड अंधप्रेम एवम् वामी गिरोह की जी हुजूरी में हिंदू, हिंदू परिवार, हिंदू बेटियां, हिंदू संस्कृति को अनदेखा करने का पाप कर रही है। अपने राजधर्म से भटक रही है।
राम की मर्यादा का अपमान हो रहा है।
You government, your choice.
For us, Dharma first, family first, children first, women first, Ram first
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