@GemsOfBollywood
“भगवान के फज़ल से”
Watch next
Watch this selection"भगवान के फज़ल से" – #Urduwood के रत्न इस अतिनिकृष्ठ नौटंकी में लेखक ने 'भगवान' को ही उपहास-पात्र क्यों चुना? क्या ये 1400 वर्षों की शांतिप्रिय संस्कृति पर भी इतने उदारभाव से 'मनोरंजन' बना सकते हैं? 'Soft power', अथवा पड़ोसी-मुल्क का प्रचार-तंत्र?
Source: original post on X ↗Source context
“भगवान के फज़ल से”
– #Urduwood के रत्न
इस अतिनिकृष्ठ नौटंकी में लेखक ने ‘भगवान’ को ही उपहास-पात्र क्यों चुना?
क्या ये 1400 वर्षों की शांतिप्रिय संस्कृति पर भी इतने उदारभाव से ‘मनोरंजन’ बना सकते हैं?
‘Soft power’, अथवा पड़ोसी-मुल्क का प्रचार-तंत्र?






